कत्यूर घाटी के जंगलों फिर लगी आग, आबादी का रुख करने लगे परेशान जंगली जानवर
बागेश्वर। कत्यूर घाटी के जंगल फिर आग से धधक गए हैं। युवा मिलकर जंगलों की आग को बुझा रहे हैं। आग लगने से जंगली जानवरों का रुख आबादी की ओर हो गया है। वहीं धुंध चारों ओर फैल गई है। जिससे अब हिमालय के भी दर्शन नहीं हो पा रहे हैं। दो हफ्ते से कत्यूर घाटी में वर्षा नहीं हुई है। जिससे काफी गर्मी हो रही है। चारों ओर सूखा पड़ गया है। वर्षा नहीं होने से एक बार फिर जंगलों में आग सुलग गई है। महरपाली, चौरसों, गगरचूला के जंगलों में कई दिनों से आग लगी हुई है। इसके अलावा गोमती घाटी, लाहुर घाटी, द्योनाई घाटी, अणा, लोहारचौरा आदि क्षेत्रों के जंगलों में दावाग्नि बढ़ गई है। जिससे लाखों की वन संपदा खाक हो रही है। जंगलों में आग लगने से कई गांवों में गुलदार का आतंक बढ़ गया है। जिससे गांवों में दहशत भी बढ़ गई है। जंगलों में आग लगने से श्वास व दमा के मरीजों की दिक्कत भी बढ़ गई है। धुंए से आंखों में जलन भी हो रही है। वन विभाग भी लाचार बना हुआ है। मटेना के युवा दीपक, नितिन, विक्की आदि ने महरपाली के जंगल में आग बुझाई। लोग वर्षा के इंतजार में हैं। यदि समय रहते दावाग्नि पर वन विभाग ने नियंत्रण नहीं किया, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। कौसानी व बैजनाथ पहुंच रहे पर्यटकों को भी हिमालय के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं।
