Wednesday, August 26, 2026
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आक्रोश: आशा स्वास्थ्य वर्कर्स शासन से नाराज़, वादाखिलाफ़ी का लगाया आरोप

संवाददाता
देहरादून, 10 अक्टूबर। उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन सीटू से संबंधित सभी आशा वर्कर 2 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार करके हड़ताल पर चल रही हैं। लगातार सरकार से रैली तथा धरना प्रदर्शन के माध्यम से 12 सूत्री मांगों पर तथा एक निश्चित मानदेय देने के लिए संघर्षरत हैं। सरकार के द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद कार्रवाई न किए जाने पर आशा वर्कर में खासी नाराजगी है। उनका आरोप है कि हर बार तारीख देने के बाद भी सरकार अपने वादे पर कायम नहीं रह रही है तथा आशा वर्करों की मांगों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। यूनियन का कहना है कि 29 तारीख को महापड़ाव के दौरान ओएसडी राजेश सेठी द्वारा 5 अक्टूबर का टाइम दिया गया था तथा स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी  द्वारा लिखित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया था लेकिन 5 तारीख को भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया। शासन अपने वादे पर कायम नहीं रहा, इन सभी बातों को लेकर आशा वर्कर में बहुत ही नाराजगी है तथा उनके क्षेत्र में कार्य बहिष्कार करने से बहुत ही नुकसान हो रहा है। इस सब की जिम्मेदार सरकार खुद है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अब अगर 12 अक्टूबर की प्रस्तावित कैबिनेट में भी आशा वर्कर के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया तो 13 अक्टूबर से बहुत  उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदार भाजपा सरकार होगी।
बैठक में शिवा दुबे, आशा चौधरी, मीना ज़ख्मोला, धर्मिष्ठा भट्ट, सुनीता चौहान, प्रमिला राणा, सुशीला जोशी, लोकेश रानी, कल्पेश्वरी, संगीता, सीमा, सरिता, नीलम, सरोज, बबीता, अनीता अग्रवाल, पिंकी, ममता, कलावती और  यूनियन की सभी आशा वर्कर्स मौजूद थीं।

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