धर्म-कर्म: इंद्रियों को वश में करना ही तप है, जैन आचार्य महेंद्र जैन ने दिया संदेश
संवाददाता
देहरादून, 16 सितंबर। पर्यूषण पर्व के सातवें दिन तप धर्म की आराधना की गई । श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर माजरा में प्रातः अभिषेक पूजन शांति धारा की गई और दस लक्षण धर्म विधान किया जा रहा है जिसमें आज उत्तम तप धर्म की विशेष पूजा की गई और विधान आचार्य पंडित महेंद्र जैन ने अपने प्रवचन में कहा कि जीवन में तप का बड़ा महत्व है वास्तव में अपनी इंद्रियों पर काबू करना अपनी इच्छाओं को वश में करना ही तप कहलाता है तप के माध्यम से हम अपनी आत्मा को पवित्र बना सकते हैं जो कि हमें मोक्ष अर्थात जीवन मरण के चक्र से मुक्त करने में बहुत सहायक है। संध्याकालीन कार्यक्रम में संगीत में आरती की गई, संगीतकार अमित ने मधुर भजनों से सभी को नृत्य करने को मजबूर कर दिया । महिला मंडल माजरा की महिलाओं द्वारा बहुत सुंदर नीरत के साथ आरती की गई उसके पश्चात वीरांगना रजनी जैन एवं स्तुति जैन ने धार्मिक प्रश्न मंच कराया सभी प्रतिभागियों को उत्तम पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया गया इस अवसर पर जैन मंदिर जी के अध्यक्ष दिनेश जैन, मंत्री प्रवीण जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, उपाध्यक्ष प्रतीक जैन, मुकेश जैन, संजय जैन, हिमांशु जैन, डॉक्टर रोहित जैन, प्रमोद जैन एवं विधान के संयोजक आदिश जैन व राहुल जैन तथा वीरांगना मीता जैन, रेखा जैन, मधु जैन, बबीता जैन, कौशल जैन, निर्मल जैन व प्रीति जैन आदि उपस्थित थे।

