बढ़ते अपराधों से नाराज़ एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने दून की पुलिस को किया सक्रिय
देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ती अपराधिक घटनाओं के चलते एसएसपी अजय सिंह का ट्रांसफर कर देहरादून की कमान तेज तर्रार आईपीएस प्रमेंद्र सिंह डोबाल को दी गई थी। राजधानी की कमान मिलते ही एसएसपी से दून पुलिस को पूरी तरह एक्टिवेट कर दिया है। पुलिस लगातार अपराधियों पर वार कर रही है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जा रहा है। राजधानी में अब संगठित अपराधों पर रोक लगी है लेकिन नए तरह के अपराध सामने आ रहे हैं जिसको रोकने के लिए दून पुलिस को एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने पूरी तरह से काम पर लगा दिया है। छात्रों में हुई गैंगवार को रोकने के लिए दून पुलिस ने बाहरी प्रदेशों से आए छात्रों पर पूरी तरह से अनुशासित करने के लिए काम कर रही है। वहीं रेस ड्राइविंग व नशे को पूरी तरह से रोकने के लिए काम किया है।
उत्तराखंड में हाल के समय में बढ़ती आपराधिक चुनौतियों के बीच देहरादून पुलिस ने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में जनपद में सख्त पुलिसिंग, प्रभावी निगरानी और मजबूत इंटेलिजेंस समन्वय के जरिए हालात पर नियंत्रण के प्रयास तेज किए गए हैं। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल की कार्यशैली पहले भी उनकी सीओ डालनवाला के रूप में तैनाती के दौरान चर्चा में रही है, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रिय पुलिसिंग, संवेदनशील क्षेत्रों में पैनी नजर और त्वरित कार्रवाई की नीति अपनाई थी। उसी अनुभव का लाभ अब पूरे जनपद की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में देखने को मिल रहा है।
राजधानी के संवेदनशील इलाकों राजपुर रोड, प्रेमनगर और पटेलनगर में देर रात होने वाली रेस ड्राइविग, हुड़दंग और स्टंटबाजी पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस लगातार चेकिंग, गश्त और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
नशा तस्करी के खिलाफ भी पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। विभिन्न अभियानों के तहत तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। अंतरराज्यीय समन्वय को मजबूत कर बाहरी अपराधियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। इस पूरी रणनीति में एक अहम पहलू इंटेलिजेंस और सुरक्षा तंत्र का सशक्त होना भी है, जिसकी जिम्मेदारी इंटेलिजेंस विभाग में तैनात श्रीमती सरिता डोबाल निभा रही हैं। स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और समय रहते इनपुट साझा करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जहां एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के कंधों पर है, वहीं इंटेलिजेंस और सुरक्षा के मोर्चे पर श्रीमती सरिता डोबाल सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। एक ही परिवार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग लेकिन परस्पर पूरक जिम्मेदारियों का निर्वहन, पुलिस और इंटेलिजेंस तंत्र के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण बनकर उभर रहा है।
पुलिस ने विवेचना की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष जोर दिया है। मामलों में मजबूत साक्ष्य संकलन, सख्त धाराओं का प्रयोग और समयबद्ध चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आरोपी कानून से बच न सकें। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि देहरादून में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, आमजन से भी सहयोग की अपील की गई है, ताकि सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सके। पुलिस और इंटेलिजेंस के इस समन्वित प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि देहरादून में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत होगा।
लापरवाही पर एसएसपी की सर्जिकल स्ट्राक, ऋषिकेश में पूरी चौकी को किया था निलंबित
ऋषिकेश स्थित होटल नवरंग में देर रात पकड़े गए अवैध कसीनो का मामला अब सिर्फ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहा। इस कांड की आंच अब खुद पुलिस महकमे तक पहुंच गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने आईडीपीएल चौकी पर तैनात चौकी प्रभारी सहित समस्त 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। दरअसल गत 27 मार्च की रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली कि ऋषिकेश क्षेत्र के एक होटल में बड़े पैमाने पर जुआ चल रहा है। सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून ने क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसएसपी दून ने इसे चौकी स्तर पर चेकिंग और सत्यापन अभियान में बरती गई घोर शिथिलता और लापरवाही माना। इसका नतीजा तुरंत सामने आया। चौकी प्रभारी आईडीपीएल सहित वहां तैनात समस्त 12 पुलिसकर्मियों को बिना देर किए निलंबित कर दिया। गौरतलब है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून पहले से ही सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों के खिलाफ सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश देते आए हैं। इस मामले में 12 पुलिसकर्मियों का निलंबन सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे जिले की पुलिस को एक कड़ा संदेश है कि लापरवाही और मिलीभगत अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए रात भर पुलिस चला रही चैकिंग अभियान
देहरादून की हर चौकी व थाने की पुलिस रात को क्षेत्र में नाइट वॉच अभियान चला रही है। पुलिस यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर वाहनों का चालान कर रही है, जबकि अपराधियों में खौफ पैदा कर रही है। एसएसपी के निर्देश पर क्षेत्र में अभियान चलाया गया। डाकपत्थर चौक, मंडी चौक, बाबूगढ़ चुंगी, हरर्बटपुर चौक, कुल्हाल चेक पोस्ट, डाकपत्थर, थाना डालनवाला, थाना कोतवाली, थाना सहसपुर, थाना रायवाला सहित सभी थाना क्षेत्र में वाहनों की जांच की गई। तेज गति, लारपरवाही से वाहन चलाने, तीन सवारी, रेट्रोसाइलेंसर, शराब पीकर वाहन चलाने आदि यातायात नियमों के उल्लंघन पर दोपहिया वाहन चालकों के चालान किए गए।

