Saturday, August 15, 2026
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उत्तराखंड

उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद बर्फबारी की सफेद आंधी; पहाड़ियों व चारधाम क्षेत्र में भारी हिमपात

 

तापमान शून्य से नीचे, गढ़वाल-कुमाऊँ दोनों मंडल शीतलहर की चपेट में

मैदानी इलाकों में बारिश के कारण शीतलहर का तेज असर
देहरादून। उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार को गढ़वाल और कुमाऊँ दोनों मंडलों में सीजन की पहली व्यापक बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। ऊँचाई वाले क्षेत्रों में रात से ही बर्फ गिरने का सिलसिला जारी है, जबकि मैदानी और तराई इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश के साथ ठंड में अचानक बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग (प्डक्) ने राज्य के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24-48 घंटों तक सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
गढ़वाल के ऊँचाई वाले इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। देर रात से शुरू हुई बर्फबारी ने चारधाम और आसपास की पहाड़ियों को सफेद चादर से ढक दिया है। केदारनाथ धाम, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में ताजा हिमपात दर्ज किया गया। केदारनाथ में लगातार बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया है। बदरीनाथ धाम और माणा घाटी में भी तेज ठंडी हवाओं के साथ हिमपात हो रहा है।
चकराता क्षेत्र के लोखंडी और धनोल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू होते ही पर्यटकों में उत्साह देखा गया। मसूरी में हल्की बूंदाबांदी के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। चमोली और उत्तरकाशी जिलों के ऊँचाई वाले गांवों को जोड़ने वाले कई संपर्क मार्गों पर फिसलन बढ़ गई है। प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए जेसीबी और स्नो-कटर तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
कुमाऊँ मंडल में भी पश्चिमी विक्षोभ का गहरा असर देखने को मिल रहा है। लंबे समय से जारी शुष्क मौसम के बाद हुई इस बारिश और बर्फबारी से लोगों ने राहत की सांस ली है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी, धारचूला और आसपास की ऊँची चोटियों पर भारी हिमपात हो रहा है। बागेश्वर जिले के हिमनदी क्षेत्रों में भी बर्फ गिरने की सूचना है, जिससे तापमान में तेज गिरावट आई है।
नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर, रामगढ़ और आसपास की पहाड़ियों पर बर्फबारी की संभावना बढ़ गई है। अल्मोड़ा जिले में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। हल्द्वानी, रुद्रपुर और अन्य तराई इलाकों में बारिश के कारण शीतलहर का असर तेज हो गया है। सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। 2300 से 2800 मीटर और उससे अधिक ऊँचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें तथा कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएँ चलने का अनुमान है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।

बर्फबारी व बारिश कृषि और जलस्रोतों के लिए राहत
विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश और बर्फबारी किसानों और बागवानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। लंबे समय से वर्षा न होने के कारण रबी फसलों और सेब, आड़ू जैसी बागवानी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। ताजा बर्फबारी से न केवल मिट्टी में नमी बढ़ेगी, बल्कि आने वाले महीनों में जलस्रोतों और नदियों के प्रवाह को भी मजबूती मिलेगी। जहाँ एक ओर बर्फबारी ने ठंड और यातायात की चुनौतियाँ बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी ओर यह उत्तराखंड के पर्यावरण, कृषि और जलसंतुलन के लिए सकारात्मक संकेत भी मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने और सतर्क रहने की अपील की है।

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