अतिवृष्टि के चलते जौनसार बावर के 10 मोटर मार्गों पर रहा यातायात ठप , ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित
विकासनगर। लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार को कालसी-चकराता मोटर मार्ग समेत जौनसार बावर के कुल 10 मार्गों पर यातायात ठप रहा। बार-बार मार्ग बंद होने से ग्रामीणों की आर्थिकी पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। ड्यूडलानी-चंदेऊ-कामला मोटर मार्ग पर दो माह से यातायात ठप होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को रोजमर्रा का सामान लेने के लिए भी चार से पांच किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। रविवार को हुई बारिश से कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड़ भू स्खलन जोन एक बार फिर सक्रिय हो गया। भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर आने से दोपहर एक बजे मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हालांकि मौके पर मौजूद जेसीबी से लोनिवि कर्मियों ने मलबा हटाकर आधे घंटे में यातायात बहाल कर दिया था, लेकिन लगातार बारिश के कारण रुक-रुक कर मलबा आने का सिलसिला जारी रहा, जिससे कई बार यातायात भी बाधित होता रहा। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले हरिपुर-कोटी-इच्छाड़ी मोटर मार्ग पर भी यातायात ठप रहने से जौनसार के डेढ़ सौ गांवों के साथ ही हिमाचल प्रदेश के पचास गांवों की आबादी प्रभावित हुई। जबकि ड्यूडलानी-चंदेऊ-कामला मोटर मार्ग पर बीते दो माह से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद पड़ी हुई है। साहिया-क्वानू, बिजऊ-कुइथा-खतार, कोठा-बैंड-खतार, सुरेऊ-भंजरा, ध्वैरा-देऊ, कलाम-रड़्-डिमीच और रेनसा-पानेसा मोटर मार्ग पर भी यातायात ठप रहा। मार्गों पर आवाजाही ठप होने से वाहनो की लंबी कतारें लग गई। स्थानीय काश्तकारों ने बताया कि मार्गों के बंद होने से नगदी फसलें घरों और खेतों में ही बर्बाद होने लगी हैं। हर साल बरसात में कई दिनों तक मार्ग पर यातायात बाधित रहता है, बावजूद इसके बरसात से पहले कोई पुख्ता उपाय नहीं किए जाते हैं। उधर, लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता नीरज त्रिपाठी, लोनिवि साहिया की अधिशासी अभियंता रचना थपलिया, पीएमजीएसवाई के ईई रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी भेज दी गई हैं। जल्द सभी मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।

